बलियापुर के फ्लोराइड प्रभावित 40 गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए टेंडर जारी

धनबाद जिला प्रशासन की प्रस्तावित जलापूर्ति योजना से बलियापुर के करीब 50 हजार लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। शीतलपुर में जल उपचार संयंत्र बनाया जाएगा।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड में फ्लोराइड प्रभावित करीब 40 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला योजना शाखा ने केंद्रीकृत जल उपचार और सिंगल प्वाइंट वितरण प्रणाली स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया है। योजना से लगभग 50 हजार लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घड़बड़ पंचायत के ब्राह्मण टोला, घड़बड़, बिरसिंहपुर और माछियारा समेत छह गांवों को इसका विशेष लाभ मिलेगा। इन इलाकों के भूजल में फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा से काफी अधिक पाई गई है।

भूजल में फ्लोराइड की सुरक्षित सीमा 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर बताई गई है, जबकि प्रभावित गांवों में इसकी मात्रा 16.2 मिलीग्राम प्रति लीटर तक मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोराइड की अधिकता के कारण क्षेत्र में दांतों और हड्डियों से जुड़ी फ्लोरोसिस की समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दामोदर नदी से पानी लिया जाएगा। इस पानी को साफ करने के लिए शीतलपुर में 11.2 मिलियन लीटर क्षमता वाला उपचार संयंत्र बनाने की योजना है। उपचार के बाद पानी को अलग-अलग गांवों तक पहुंचाया जाएगा।

जल वितरण के लिए पूरे क्षेत्र को पांच जोन में बांटने और प्रत्येक जोन में टंकियां बनाने का प्रस्ताव है। इन टंकियों से पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे ग्रामीणों की दूषित भूजल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल योजना के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसके लागू होने पर प्रभावित गांवों में पेयजल संकट और अत्यधिक फ्लोराइड वाले पानी की समस्या से राहत मिल सकती है। प्रस्तावित संयंत्र, टंकियां और पाइपलाइन इस जलापूर्ति व्यवस्था के प्रमुख हिस्से होंगे।