सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने अलग तरीके से विरोध दर्ज कराया। पबुड़ा मोड़ से केबेटांग, पांगुर, टोनिया और गेनमेर होते हुए हुरदा तक जाने वाले मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों में जमा पानी में मछली पकड़ी और नहाकर सड़क की हालत की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की।
प्रदर्शन जेएलकेएम के जिला महासचिव रविंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। ग्रामीणों ने बानो मुख्य पथ पर जाम लगाया और सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग उठाई। उनका संदेश था कि क्षेत्र को तालाब जैसी सड़क नहीं, सुरक्षित आवागमन के लिए ठीक मार्ग चाहिए। प्रदर्शन देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुटी।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की कई वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात में इनमें पानी भरने से सड़क का बड़ा हिस्सा तालाब जैसा दिखाई देता है। ऐसी स्थिति में गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क से स्कूली बच्चों, मरीजों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने दावा किया कि कई बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। बड़े वाहनों के फंसने के कारण मार्ग पर घंटों जाम लगने की स्थिति भी बनती है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह सड़क बानो प्रखंड की छह पंचायतों को जोड़ती है और आगे ओडिशा की सीमा तक जाती है। इस कारण इसकी बदहाली का असर केवल आसपास के गांवों पर नहीं, बल्कि लंबे मार्ग से आवाजाही करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने मुखिया, विधायक और विभागीय अधिकारियों के सामने पहले भी समस्या रखी, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ।
रविंद्र सिंह और प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने प्रशासन तथा राज्य सरकार से सड़क निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि काम शुरू नहीं होने पर प्रखंड मुख्यालय का घेराव कर आंदोलन तेज किया जाएगा। उपलब्ध विवरण में सड़क निर्माण या मरम्मत शुरू करने को लेकर प्रशासन की किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।