बालूमाथ के फुलबसिया चेकपोस्ट पर सीआईएसएफ और ग्रामीणों में विवाद, पुलिस ने संभाली स्थिति

लातेहार के फुलबसिया चेकपोस्ट पर कोयला लदे वाहनों की जांच के दौरान सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ। दोनों पक्षों ने अलग-अलग दावे किए हैं और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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बालूमाथ के फुलबसिया चेकपोस्ट पर विवाद के बाद मौजूद पुलिस और ग्रामीण

लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित फुलबसिया चेकपोस्ट के पास शुक्रवार तड़के कोयला लदे वाहनों की जांच के दौरान सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। तनाव बढ़ने की सूचना पर बालूमाथ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। विवाद के कारण कई घंटे तक कोयला परिवहन भी प्रभावित रहा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच हुई। मगध कोलियरी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान चेकपोस्ट के पास कोयला लदे वाहनों की जांच कर रहे थे। जांच के दौरान दो वाहनों में कोयले से संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें जब्त किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूजा-पाठ के बाद रास्ते से गुजर रहे कुछ लोगों को जवानों ने रोक लिया और उनके साथ बदसलूकी की। ग्रामीणों ने मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों से नाराज लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया और कोयला परिवहन बाधित कर दिया।

दूसरी ओर, सीआईएसएफ की ओर से दावा किया गया कि दो वाहनों को कथित अवैध कोयले के साथ पकड़े जाने के बाद कुछ लोग उन्हें जबरन छुड़ाने पहुंचे और जवानों से उलझ गए। जवानों ने किसी ग्रामीण से बदसलूकी से इनकार किया है। उनका कहना है कि हंगामा करने वालों को चेकपोस्ट से दूर हटाया गया था।

दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से इलाके में स्थिति संवेदनशील हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची बालूमाथ पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत की और तनाव को आगे बढ़ने से रोका। हालांकि, विरोध के चलते चेकपोस्ट से होने वाला कोयला परिवहन कई घंटे तक ठप रहा।

बालूमाथ थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा के अनुसार, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और ग्रामीणों से वार्ता भी जारी है। फिलहाल मारपीट, बदसलूकी और वाहनों को छुड़ाने से जुड़े परस्पर विरोधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही घटना का क्रम और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।