बालूमाथ में कोयला परिवहन पर 12 घंटे नो एंट्री और बाईपास की मांग

बालूमाथ में प्रशासन, ग्रामीणों, व्यवसायियों और कोयला कंपनियों की बैठक में धूल, सड़क हादसों और यातायात की समस्या उठी। डीएमएल ने 15 दिनों में बाईपास के लिए जमीन संबंधी रिपोर्ट देने की बात कही।

2 मिनट पढ़ें 7 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में कोयला परिवहन से उड़ने वाली धूल और यातायात संबंधी परेशानियों को लेकर बुधवार को प्रशासन, स्थानीय लोगों और कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों और व्यवसायियों ने कोयला वाहनों के लिए प्रतिदिन 12 घंटे नो एंट्री लागू करने तथा बाईपास सड़क बनवाने की मांग रखी।

बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि कोयला ढोने वाले वाहनों के कारण मुख्यालय की सड़कों पर दिनभर धूल उड़ती है। इससे दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया और सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक भारी कोयला वाहनों का परिचालन रोकने की मांग की।

ग्रामीणों और व्यवसायियों ने तेतरियाखाड़, मगध तथा तुबेद कोयला खदानों के प्रबंधन से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की मांग भी की। बैठक में व्यवसायिक संघ, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीसीएल और डीएमएल कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हुए।

एसडीएम दिनेश कुमार, जिला खनन पदाधिकारी नदीम सैफी और जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल ने बैठक में रखी गई समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने कहा कि इन मांगों से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। हालांकि नो एंट्री लागू करने या बाईपास निर्माण की कोई अंतिम समय-सीमा बैठक में घोषित नहीं की गई।

डीवीसी के लिए काम कर रही डीएमएल कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास सड़क के लिए नक्शा, जमीन का मूल्यांकन और संबंधित दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। कंपनी ने 15 दिनों के भीतर जमीन संबंधी पूरी रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन को सौंपने की बात कही। रिपोर्ट के बाद रैयतों से बातचीत कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई।

कंपनी प्रबंधन ने बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सुंदरीकरण की दिशा में भी जल्द पहल करने की बात कही। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी, अंचल अधिकारी बालेश्वर राम, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमा उरांव और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।