बोकारो में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण का निरीक्षण, फसल क्षति और लंबित मुआवजे का मुद्दा उठा

गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने पेटरवार, कसमार और जरीडीह के प्रभावित गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने खेतों में फ्लाई एश व मिट्टी जमा होने, मुआवजा लंबित रहने और अंडरपास की कमी की शिकायत रखी।

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बोकारो में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के निर्माण क्षेत्र का निरीक्षण करते सांसद और अधिकारी

बोकारो जिले में निर्माणाधीन वाराणसी-कोलकाता सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांवों का गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने मंगलवार को निरीक्षण किया। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस एक्सप्रेसवे की स्थिति देखने के लिए सांसद पेटरवार, कसमार और जरीडीह प्रखंड के विभिन्न गांवों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और निर्माण से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में निर्माण स्थल से फ्लाई एश और मिट्टी बहकर खेतों में जमा हो गई। उनके अनुसार इससे धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने प्रभावित खेतों का आकलन कराने और क्षति के बदले उचित मुआवजा देने की मांग सांसद के सामने रखी।

सांसद ने पेटरवार प्रखंड के चरगी, लेपो, कोनारबेड़ा, अरारी और रुकाम सहित कई इलाकों का दौरा किया। कसमार के करकट्टा कला, बरईकला, चंडीपुर, बगियारी व बगदा तथा जरीडीह के भस्की, अराजु और कमलापुर जैसे प्रभावित क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य एवं स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लिया गया।

फसल क्षति की शिकायत पर सांसद ने मौके पर उपस्थित अंचल अधिकारियों को प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराने और नुकसान का प्रशासनिक आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। भूमि अधिग्रहण के बाद भी कुछ रैयतों का भुगतान लंबित होने की शिकायत पर प्रक्रिया तेज करने का निर्देश भी दिया गया।

ग्रामीणों ने सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी अंडरपास की कमी, स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने और पेड़ों को हटाने से जुड़े विषय भी उठाए। निरीक्षण में कुछ स्थानों पर सड़क के स्तर से संबंधित तकनीकी खामियों का मामला सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं में सुधार करने को कहा।

दौरे के दौरान पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, एनएचएआई के परियोजना निदेशक धनबाद विशाल सिंह और अपर समाहर्ता सतीश चंद्रा भी उपस्थित थे। निरीक्षण में निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने के साथ किसानों की फसल, रैयतों के अधिकार और ग्रामीणों की आवाजाही से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया।