बालूमाथ में धूल और जाम के विरोध में दुकानें बंद, 24 सितंबर तक कार्रवाई की मांग

लातेहार के बालूमाथ में भारी वाहनों से उड़ती धूल और बार-बार लगने वाले जाम के विरोध में व्यवसायियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

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लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में भारी वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न धूल और यातायात जाम के विरोध में शुक्रवार को व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। स्थानीय ग्रामीण भी उनके विरोध में शामिल हुए। उनका कहना है कि लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण कारोबार, आवागमन और आसपास रहने वाले लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

व्यवसायियों के अनुसार, मुख्य सड़क से दिनभर भारी वाहन गुजरते हैं। इनके आवागमन से उड़ने वाली धूल दुकानों और घरों तक पहुंच रही है। सड़क पर बार-बार जाम लगने के कारण राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं पर प्रशासन का ध्यान दिलाने के लिए बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया।

प्रतिष्ठान बंद करने के बाद व्यवसायी और ग्रामीण जोगियाडीह गांव स्थित बिरसा मैदान में एकत्र हुए। बैठक में बालूमाथ मुख्यालय की यातायात व्यवस्था, भारी वाहनों के परिचालन और धूल की समस्या पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस विषय में पहले भी प्रशासन को संयुक्त आवेदन देकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला।

बैठक में प्रशासन को 24 सितंबर तक का समय देने का निर्णय लिया गया। व्यवसायियों और ग्रामीणों ने कहा कि इस अवधि में मांगों पर उचित पहल नहीं हुई तो वे नियमों के तहत सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने मुख्यालय की प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग रखी है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित करने का सुझाव भी दिया, ताकि बाजार और आवासीय क्षेत्र में धूल तथा जाम का दबाव कम हो सके। उनका कहना है कि यातायात का वैकल्पिक प्रबंध होने से स्थानीय कारोबारियों के साथ आम राहगीरों को भी राहत मिलेगी।

बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचा और अंचल अधिकारी बालेश्वर राम को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासन से 24 सितंबर तक जनहित में आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है। आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यवसायियों और ग्रामीणों की भागीदारी रही।