लातेहार जिले के बालूमाथ बाजार में शुक्रवार को धूल, जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या के विरोध में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस दौरान स्थानीय ग्रामीण भी उनके साथ आए। बंद के कारण बाहर से बाजार पहुंचे लोगों को जरूरी सामान नहीं मिल सका और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बिरसा मैदान, जोगियाडीह में बैठक कर बाजार की यातायात समस्या पर चर्चा की। बैठक में बालूमाथ बाजार क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और पहले लागू रही नो-एंट्री व्यवस्था को दोबारा प्रभावी बनाने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में शामिल लोगों के अनुसार, बालूमाथ-मुरपा मार्ग पर भारी वाहनों और सामान्य यातायात के कारण नियमित रूप से धूल उड़ती है। उनका कहना है कि लगातार लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं से कारोबारियों के साथ बाजार आने वाले लोगों को भी कठिनाई हो रही है। कोयला ढोने वाले ट्रकों की आवाजाही से समस्या बढ़ने की बात भी कही गई।
बैठक के बाद ग्रामीण और दुकानदार अंचल कार्यालय पहुंचे तथा अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रशासन से 24 सितंबर तक समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने बाजार में भारी वाहनों का दबाव घटाने के लिए बाइपास सड़क के निर्माण की आवश्यकता भी बताई।
दुकानदारों ने कहा कि पुरानी नो-एंट्री व्यवस्था बहाल होने से बाजार के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित किया जा सकेगा। उनकी मांग है कि प्रशासन यातायात और धूल की परेशानी का स्थायी समाधान निकाले, ताकि बाजार का कारोबार और आम लोगों की आवाजाही सामान्य रूप से चल सके।
प्रदर्शन में 100 से अधिक दुकानदारों और स्थानीय लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय तक ठोस कदम नहीं उठाया गया तो व्यापारी और ग्रामीण शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालेंगे। फिलहाल ज्ञापन पर प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार है।