धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को डुमरी विधायक जयराम महतो को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें यह उपाधि दी।
जयराम महतो ने विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से शोध पूरा किया है। हाल में उनकी थीसिस का अंतिम वाइवा हुआ था। विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 9 अक्टूबर को आयोजित समारोह में डॉक्टरेट की उपाधि मिली।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कोयलांचल की पहचान केवल कोयला और खनन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके अनुसार, यह क्षेत्र ज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है। उन्होंने उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कोयलांचल के औद्योगिक विकास और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं में योगदान का उल्लेख किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, खनन क्षेत्रों की सुरक्षा, श्रमिक कल्याण और बदलती ऊर्जा जरूरतों को क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय से स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित शोध को प्रोत्साहित करने की बात कही।
उन्होंने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में नए समाधान तैयार करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और उद्यमिता ने युवाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल, रचनात्मकता और लगातार सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए।
समारोह में युवाओं से केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं रहने और अपनी योग्यता व नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर बनाने का आह्वान भी किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में नवाचार, शिक्षक-विद्यार्थी संवाद, नियमित अध्ययन और व्यावहारिक अनुभव के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता बताई।