धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। बैठक के लिए तय एजेंडे की प्रति सदस्यों और संबंधित पदाधिकारियों को पहले उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण विषयों पर विस्तार से विचार की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और बैठक अधूरी रह गई।
सीनेट के नियमों के अनुसार बैठक में रखे जाने वाले एजेंडे की प्रति सदस्यों को करीब 15 दिन पहले दी जाती है। इसका उद्देश्य यह है कि सदस्य प्रस्तावों का अध्ययन कर सकें और बैठक के दौरान उन पर अपनी राय रख सकें। इस बार यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने के कारण महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी।
बैठक में मौजूद सदस्यों के सामने एजेंडे का पहले से अध्ययन किए बिना उसी समय सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करने और निर्णय तक पहुंचने की स्थिति नहीं बनी। इसके बाद लंबित विषयों को अगली बैठक में विधिवत रखने की बात सामने आई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन अब अगली सीनेट बैठक दीक्षांत समारोह के बाद आयोजित करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बैठक में मौजूदा एजेंडे को दोबारा रखा जाएगा। सदस्यों की चर्चा के बाद ही प्रशासनिक और अकादमिक प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकेगा। हालांकि अगली बैठक की निश्चित तारीख का उल्लेख उपलब्ध विवरण में नहीं है।
इस बीच विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 9 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से समारोह में राज्यपाल के शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम के दौरान करीब 250 विद्यार्थियों को डिग्री और पुरस्कार प्रदान करने की तैयारी है।
दीक्षांत समारोह पर बैठक में सहमति बनी, लेकिन सीनेट के शेष एजेंडे लंबित रह गए। ऐसे में आगामी दीक्षांत समारोह के बाद होने वाली बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक विषयों पर आगे की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। सदस्यों को एजेंडा उपलब्ध कराने की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रस्तावों पर विस्तृत विचार और अंतिम फैसला संभव होगा।