बेड़ो के करमचंद भगत महाविद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय अकादमी का उद्घाटन

करमचंद भगत महाविद्यालय में स्थापित नई अकादमी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में काम करेगी।

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रांची जिले के बेड़ो स्थित करमचंद भगत महाविद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय अकादमी का उद्घाटन किया गया। जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा-2026 के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. रविन्द्र नाथ भगत, विशिष्ट अतिथि डॉ. अभय सागर मिंज और प्राचार्य डॉ. प्रसंजित मुखर्जी ने संयुक्त रूप से अकादमी की शुरुआत की।

महाविद्यालय के अनुसार, अकादमी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के साथ साहित्य तथा संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देगी। उद्घाटन समारोह में भगवान बिरसा मुंडा समेत झारखंड के वीर सपूतों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए गए। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राज्य के शहीदों को याद किया।

मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. रविन्द्र नाथ भगत ने कार्यक्रम में महाविद्यालय की स्थापना के उद्देश्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय करमचंद भगत ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस संस्थान की स्थापना की थी। उनके मुताबिक नई अकादमी उस उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. अभय सागर मिंज ने अकादमी को भाषाई और सांस्कृतिक विरासत सहेजने की उपयोगी पहल बताया। प्राचार्य डॉ. प्रसंजित मुखर्जी ने आदिवासी समाज के प्रकृति से संबंध का उल्लेख करते हुए अपनी पहचान और विरासत पर गर्व करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक दीपक शहीदों के नाम’ गतिविधि भी आयोजित हुई। अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने दीप जलाकर झारखंड के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आयोजन में महाविद्यालय के विभिन्न शिक्षकों ने जिम्मेदारियां संभालीं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समारोह का संचालन डॉ. रितेश कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नेहा टोप्पो ने दिया। अकादमी की स्थापना से बेड़ो जैसे ग्रामीण क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्थानीय भाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एक संस्थागत मंच मिलने की उम्मीद जताई गई है।