बोकारो के सेक्टर-9 से चंद्रपुरा को जोड़ने वाली 6.55 किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह गड्ढे बनने और कुछ हिस्सों के धंसने से जर्जर हो गई है। इससे वाहन चालकों को गति कम रखनी पड़ रही है और यात्रा में सामान्य से अधिक समय लग रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर सफर पूरा करने में अब करीब तीन गुना समय लग रहा है।
इस सड़क का निर्माण वर्ष 2020 में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। निर्माण के बाद इसकी दो बार मरम्मत भी कराई गई, लेकिन सड़क की हालत फिर बिगड़ गई है। गड्ढों और असमतल हिस्सों के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है तथा वाहन चालकों ने दुर्घटना की आशंका भी जताई है।
बोकारो-चंद्रपुरा मार्ग कथारा, फुसरो, तुरियो, भंडारीदह, तेलो और चंद्रपुरा सहित आसपास के इलाकों को बोकारो से जोड़ता है। इस पर बड़ी संख्या में निजी और हल्के व्यावसायिक वाहन चलते हैं। जैनामोड़-फुसरो सड़क की खराब स्थिति के कारण भी इस वैकल्पिक मार्ग की उपयोगिता बढ़ी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों की नियमित आवाजाही नहीं होती। इसके बावजूद निर्माण के कुछ वर्षों के भीतर सड़क खराब होने और दो मरम्मत के बाद भी समस्या लौटने से कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मिट्टी के भराव और उसे ठीक तरह से बैठाने की प्रक्रिया को लेकर भी आशंका जताई है।
हालांकि, सड़क के क्षतिग्रस्त होने के वास्तविक कारण का निर्धारण तकनीकी जांच के बाद ही हो सकता है। निर्माण की गुणवत्ता के साथ मिट्टी के भराव और जल निकासी की स्थिति की पड़ताल से यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के कुछ हिस्से क्यों धंसे और मरम्मत टिकाऊ क्यों नहीं रही।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सड़क की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार कर भेजी गई है। इसमें ऊपरी सतह को नए सिरे से तैयार करने का प्रस्ताव है और नया शेड्यूल ऑफ रेट्स विभागीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंजूरी के बाद तकनीकी प्रक्रिया और निविदा की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन काम शुरू होने की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है।