बोकारो की अदालत ने ढाई करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में केरल निवासी फिल्म निर्माता सतीश बाबू टीके को दोषी ठहराया है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुज कुमार की अदालत ने उन्हें छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को ढाई करोड़ रुपये परिवादी को देने का भी आदेश दिया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। मामले के दूसरे आरोपित को अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता संजीव ओझा ने पक्ष रखा।
सेक्टर चार ए निवासी अविनाश बी उन्नीथन ने इस मामले में शिकायत परिवाद दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, सतीश बाबू टीके और सुरेश बाबू टीके ने फिल्म निर्माण के लिए उनसे दो करोड़ रुपये मांगे थे। परिवादी ने जमीन गिरवी रखकर केरल फाइनेंशियल कॉरपोरेशन से कर्ज लिया और रकम संबंधित फर्म के खाते में स्थानांतरित कर दी।
परिवाद में कहा गया कि फिल्म का निर्माण और वितरण होने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। बाद में सतीश बाबू टीके ने ढाई करोड़ रुपये का चेक दिया और इस संबंध में समझौता भी हुआ। यह चेक दो मार्च 2016 को बाउंस हो गया, जिसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अदालत में मुकदमा दायर किया गया।
आरोपित के बार-बार अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उसका पक्ष रखने के लिए कानूनी सहायता अधिवक्ता नियुक्त किया गया। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत उसकी अनुपस्थिति में विचारण आगे बढ़ा। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने सतीश बाबू टीके को दोषी पाया।
बचाव पक्ष ने पहला अपराध होने का हवाला देते हुए परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देने का अनुरोध किया था। अदालत ने मामले को आर्थिक अपराध की प्रकृति का मानते हुए यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया और कारावास, जुर्माने तथा भुगतान का आदेश सुनाया।