बोकारो जिले में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 एक नवंबर को 72 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। दो पालियों में होने वाली परीक्षा में कुल 46,181 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त ढंग से कराने के लिए केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की जांच और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई की तैयारी की है।
पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसमें कक्षा छह से आठ तक के शिक्षक बनने के इच्छुक 31,326 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे और उन्हें सुबह 7:30 बजे से केंद्र में प्रवेश मिलेगा। दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। इसमें कक्षा एक से पांच तक के लिए 14,855 अभ्यर्थी शामिल होंगे तथा प्रवेश दोपहर एक बजे शुरू होगा।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर शिबू सोरेन स्मृति भवन के सभागार में अधिकारियों और केंद्राधीक्षकों की संयुक्त ब्रीफिंग हुई। उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने दंडाधिकारियों, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट, केंद्राधीक्षकों तथा पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया। केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी और प्रवेश-निकास की व्यवस्थित व्यवस्था पर जोर दिया गया।
अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, ईयरफोन, स्मार्ट या इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, कैलकुलेटर और पेजर केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पुस्तक, नोटबुक, बैग, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट और टोपी भी प्रतिबंधित वस्तुओं में शामिल हैं। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए अलग-अलग प्रबंध किए जाएंगे।
प्रश्नपत्रों को पुलिस की सुरक्षा में निर्धारित मार्ग से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा और ढुलाई में लगे वाहनों की जीपीएस से निगरानी होगी। प्रश्नपत्र लीक होने के दावों, फर्जी प्रश्नपत्र के नाम पर ठगी और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए साइबर सेल तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम सक्रिय रहेगी। केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और अनधिकृत प्रवेश पर भी रोक रहेगी।
परीक्षा कक्ष में जाने से पहले वीक्षकों को भी अपने मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अधिकृत कर्मी के पास जमा करने होंगे। निर्धारित निर्देशों के तहत केवल केंद्राधीक्षक और प्रतिनियुक्त स्थैतिक दंडाधिकारी को मोबाइल रखने की अनुमति होगी। ब्रीफिंग में संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया।