बोकारो में हुई एक शादी सादगी और बिना दहेज के संदेश को लेकर चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, दूल्हा बारात लेकर बैलगाड़ी से पहुंचा और इस आयोजन को अलग अंदाज में किया गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शादी में दहेज को न कहने और सादगी को अपनाने की बात प्रमुख रही। बैलगाड़ी से निकली बारात के कारण यह विवाह स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।
झारखंड में विवाह समारोहों में बढ़ते खर्च और दहेज जैसी सामाजिक चिंताओं के बीच यह मामला एक अलग उदाहरण के रूप में सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण केवल शादी के तरीके और उसके संदेश तक सीमित हैं।