बोकारो से छह साल पहले लापता नाबालिग की जांच CBI को सौंपी गई

झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरराज्यीय और डिजिटल सुरागों वाले बोकारो के पुराने मामले की जांच CBI को सौंपते हुए 27 अक्टूबर तक प्रगति रिपोर्ट मांगी है।

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बोकारो की लापता नाबालिग के मामले में CBI जांच का आदेश

बोकारो से करीब छह वर्ष पहले लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग की तलाश अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगा। झारखंड हाईकोर्ट ने मामले की जटिलता, दूसरे राज्यों से जुड़े सुरागों और उन्नत तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया है।

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने CID के एडीजी को मामले के सभी रिकॉर्ड तत्काल CBI की रांची स्थित ईस्टर्न जोन इकाई के संयुक्त निदेशक को सौंपने का निर्देश दिया। राज्य सरकार और CID ने जांच के प्रत्येक स्तर पर केंद्रीय एजेंसी को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, नाबालिग 16 अक्टूबर 2020 को सुबह करीब 10:45 बजे लापता हुई थी। उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जिला पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया गया कि जांच के दौरान अंतरराज्यीय और सीमा-पार तस्करी की आशंका से जुड़े संकेत सामने आए। दिल्ली, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से संबंधित डिजिटल सुराग भी मिले हैं। इन्हीं बिंदुओं की विस्तृत पड़ताल अब CBI नए सिरे से करेगी।

अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए जरूरी कुछ उन्नत तकनीकी संसाधन फिलहाल झारखंड में उपलब्ध नहीं हैं। डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों की गहन जांच में केंद्रीय एजेंसी की विशेषज्ञता तथा तकनीकी क्षमता का उपयोग किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने CBI को 27 अक्टूबर तक हलफनामा दाखिल कर जांच की प्रगति बताने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले को मीडिया साक्षात्कारों के माध्यम से प्रचारित नहीं करने की सलाह भी दी। इससे पहले दो जुलाई को महाधिवक्ता ने CBI को जांच में शामिल करने पर सहमति जताई थी।