भुरकुंडा में 1 से 5 दिसंबर तक होगी अखिल भारतीय माइंस रेस्क्यू प्रतियोगिता

55वीं अखिल भारतीय माइंस रेस्क्यू प्रतियोगिता के लिए भुरकुंडा की भूमिगत खदान में तैयारियां तेज हो गई हैं। देश की 25 से अधिक बचाव टीमें इसमें भाग लेंगी।

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भुरकुंडा की भूमिगत खदान में माइंस रेस्क्यू प्रतियोगिता की तैयारियों का निरीक्षण

रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में 55वीं अखिल भारतीय माइंस रेस्क्यू प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 5 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। कोल इंडिया लिमिटेड की मेजबानी में होने वाली इस प्रतियोगिता की तैयारियां सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने तेज कर दी हैं। आयोजन में देश की प्रमुख कोयला और धातु खदानों की 25 से अधिक बचाव टीमें हिस्सा लेंगी।

प्रतियोगिता में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों ईसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल, एनसीएल, डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल और एमसीएल की टीमें शामिल होंगी। इनके अतिरिक्त सेल, टाटा स्टील, हिंडाल्को और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड सहित अन्य सरकारी तथा निजी कंपनियों की टीमें भी अपने बचाव कौशल का प्रदर्शन करेंगी।

आयोजन का उद्देश्य भूमिगत खदानों में आग, जहरीली गैस के रिसाव, जलभराव और छत धंसने जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना है। विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों की तकनीकी दक्षता, तत्परता और आपसी समन्वय का मूल्यांकन करेंगे। थ्योरी, प्राथमिक उपचार, गैस डिटेक्शन और रेस्क्यू ड्रिल इसके प्रमुख हिस्से होंगे।

इसके अलावा बचाव उपकरणों के संचालन, मैदानी रेस्क्यू अभियान और सर्वश्रेष्ठ कप्तान से जुड़े इवेंट भी आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग परिस्थितियों में टीमों के प्रदर्शन की विशेषज्ञों की ओर से बारीकी से समीक्षा की जाएगी। प्रतियोगिता को खदान सुरक्षा की व्यावहारिक तैयारियों और टीम वर्क की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने बरका-सयाल क्षेत्र की भुरकुंडा बसगढ़ा भूमिगत खदान का निरीक्षण किया। दल ने खदान के भीतर लगी मशीनों, बचाव उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को आयोजन से जुड़ी आवश्यक तैयारियों के निर्देश भी दिए गए।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले सीसीएल 21 से 24 सितंबर तक 40वीं जोनल माइंस रेस्क्यू प्रतियोगिता आयोजित करेगा। यह मुकाबला माइंस रेस्क्यू स्टेशन रामगढ़ और भुरकुंडा भूमिगत खदान में होगा। जोनल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। आयोजन से बचावकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और खदानकर्मियों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता मजबूत करने की उम्मीद है।