पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड की सोनापोस पंचायत स्थित बड़ा बेलमा गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जेराईसाई और चातारसाई टोला के करीब 80 परिवारों ने सोमवार को बैठक की। उनका कहना है कि गांव तक सड़क नहीं बनने की स्थिति में वे आगामी पंचायत, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, डीएमएफटी मद से केशना से बेलमा जेराईसाई तक पीसीसी सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना की बताई गई लागत एक करोड़ 16 लाख 85 हजार 614 रुपये है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत मार्ग के बजाय सड़क का निर्माण दूसरे छोर पर करा दिया गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
बैठक में शामिल लोगों ने सड़क के अभाव से रोजमर्रा की आवाजाही में होने वाली कठिनाइयों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि मरीजों और गर्भवती महिलाओं को लगभग दो किलोमीटर तक चारपाई पर ले जाना पड़ता है। बरसात के दौरान रास्ते की स्थिति और कठिन हो जाती है तथा बच्चों के लिए स्कूल जाना भी मुश्किल होता है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दस महीने पहले उन्होंने आपस में चंदा जुटाकर और श्रमदान कर आने-जाने का रास्ता तैयार किया था। इसके बावजूद स्थायी सड़क की जरूरत बनी हुई है। बैठक में लोगों ने गांव को स्वीकृत सड़क योजना का लाभ देने और आवागमन की समस्या का समाधान करने की मांग दोहराई।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से सड़क निर्माण से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने का आग्रह किया है। साथ ही जिस हिस्से में निर्माण कराया गया है, उसकी गुणवत्ता की भी जांच की मांग की गई है। उनका कहना है कि योजना के स्वीकृत मार्ग और वास्तविक निर्माण स्थल की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है। फिलहाल किसी जांच का निष्कर्ष या आगे की प्रशासनिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में ग्रामीणों के आरोपों और सड़क निर्माण से संबंधित तथ्यों की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।