रांची में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े दावा-आपत्ति मामलों की सुनवाई अब टोकन व्यवस्था के माध्यम से क्रमवार कराने का निर्देश दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक में कहा कि सुनवाई स्थलों पर एक साथ अधिक लोगों को न बुलाया जाए।
निर्देश के अनुसार, प्रत्येक आवेदक को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना है। उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने को कहा गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को लंबित मामलों और प्रतिदिन किए जा रहे निष्पादन की नियमित समीक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण, दावा-आपत्ति और सुनवाई के साथ युवा मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक साक्षरता क्लब की गतिविधियों तथा मतदाता सेवाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। अधिकारियों को सभी काम भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश मिला।
ऐसे मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जहां फॉर्म-6 के आवेदन शून्य हैं या उनकी संख्या एक से पांच के बीच है। बूथ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से उन पात्र नए और युवा भारतीय नागरिकों की पहचान करने का निर्देश है, जिनकी आयु एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, लेकिन मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं है। उनसे फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा-पत्र लेकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साहिबगंज में सामने आई अनियमितता जैसी स्थिति दूसरे जिले में न दोहराने के लिए आवेदन, दस्तावेज, सत्यापन और निर्वाचन डेटा की प्रभावी निगरानी करने को कहा। किसी गड़बड़ी का पता चलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित राज्यस्तरीय निर्वाचक साक्षरता क्लब कार्यक्रमों की तैयारी शुरू करने तथा समन्वयकों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को डिजिटल मतदाता सेवाओं की जानकारी देने के साथ एनवीएसपी की शिकायतों और ‘बुक अ कॉल’ सुविधा से आए मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।