जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए सड़क हादसे के बाद झारखंड में सड़क किनारे वाहनों की अनधिकृत पार्किंग के विरुद्ध सख्ती की तैयारी की गई है। परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने रविवार को सभी जिलों के उपायुक्तों को अभियान चलाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने उपायुक्तों से अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटर वाहन निरीक्षक की सेवाएं लेने को कहा है। निर्देश मुख्य सड़कों के साथ सहायक सड़कों पर भी लागू होगा। सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाने की बात कही गई है।
परिवहन मंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में राज्य के लोगों से वाहन सड़क पर खड़े नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी पार्किंग से यातायात बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ती है। वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने को कहा गया है।
निर्देश में गैराज और वाहन धुलाई केंद्रों के संचालकों से भी सड़क को पार्किंग स्थल की तरह इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है। युवाओं और अन्य वाहन चालकों से मुख्य तथा संपर्क सड़कों को आवागमन के लिए खाली रखने का आग्रह किया गया है। जिलों में स्थानीय स्तर पर परिवहन अधिकारियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इस पहल की पृष्ठभूमि में जमशेदपुर मरीन ड्राइव पर 24 सितंबर की तड़के हुआ हादसा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक सड़क किनारे खड़े ट्रक से एक कार टकरा गई थी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं।
घटना के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। अब जिला प्रशासन, डीटीओ और एमवीआई को अभियान के जरिए अनधिकृत पार्किंग रोकने को कहा गया है। विभाग का जोर सड़कों पर निर्बाध आवागमन बनाए रखने और वाहन चालकों को निर्धारित स्थानों पर पार्किंग के लिए प्रेरित करने पर है।