गोड्डा जिले के महागामा में दीपावली और छठ पूजा से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए अभियान चलाया गया। उपायुक्त लोकेश मिश्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलग-अलग इलाकों में स्थित आठ मिठाई प्रतिष्ठानों से घी, खोवा, पनीर और मिठाइयों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. श्वेता अमृता लकड़ा और वैशाली कुमारी के नेतृत्व में टीम ने बसुआ चौक की तीन दुकानों की जांच की। यहां विजय आनंद स्वीट्स से घी और खोवा पेड़ा, हर्षित स्वीट्स से पनीर तथा रामलखन मिष्ठान्न भंडार से घी और खोवा का नमूना लिया गया।
गंगासागर मोड़ पर राधा कृष्ण मिष्ठान्न भंडार से मिल्क केक और न्यू कृष्णा मिष्ठान्न भंडार से कलाकंद का नमूना संग्रह किया गया। केचुआ चौक स्थित लाडली स्वीट्स से पनीर और विक्रम आनंद स्वीट्स से खोवा पेड़ा लिया गया। रेफरल अस्पताल के पास स्थित गोपाल मिष्ठान्न भंडार से कलाकंद का नमूना जांच के लिए उठाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अभी नमूनों की जांच का नतीजा नहीं आया है, इसलिए किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या मिलावट के संबंध में अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट के बाद ही तय होगा।
जांच दल ने बताया कि कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं भी मिलीं। कुछ दुकानों के पास वैध लाइसेंस नहीं था, जबकि कुछ का लाइसेंस या पंजीकरण समाप्त हो चुका था। संबंधित दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर वैध दस्तावेज बनवाने का निर्देश दिया गया है। तय समय में अनुपालन नहीं होने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
अभियान के दौरान दुकानदारों को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां बेचने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया। अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान मिलावटी या घटिया खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के उद्देश्य से जांच अभियान जारी रखने की जानकारी दी है।