साहिबगंज जिले के महाराजपुर में गंगा के तेज कटाव से रेल पटरी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। करीब 150 मीटर लंबे प्रभावित हिस्से में रेलवे ने कटावरोधी काम तेज कर दिया है। रेलकर्मियों और मजदूरों की टीम दिन-रात मौके पर काम कर रही है, जबकि तकनीकी अधिकारी स्थिति की निगरानी के लिए वहां डेरा डाले हुए हैं।
रेलवे से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कटाव रोकने के लिए तार की जाली में बोल्डर भरकर प्रभावित हिस्से में डाले जा रहे हैं। अब तक 32 वैगन बोल्डर का इस्तेमाल किया जा चुका है और अतिरिक्त बोल्डर भी तैयार रखे गए हैं। नाव की मदद से बोल्डर क्रेटिंग पहुंचाने के साथ कंक्रीट स्लीपर से सुरक्षा संरचना बनाने का काम भी चल रहा है।
रेल प्रशासन की प्राथमिकता डाउन ट्रैक को सुरक्षित कर रेल परिचालन बहाल करना है। गुरुवार शाम तक सेवाएं शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए कोई निश्चित समय नहीं बताया है। मरम्मत पूरी होने के बाद तकनीकी टीम की देखरेख में पहले एक विशेष ट्रेन चलाकर पटरी की जांच की जाएगी। सुरक्षित पाए जाने पर ही दूसरी ट्रेनों के संचालन पर निर्णय होगा।
बताया गया है कि मंगलवार दोपहर बाद डाउन लाइन के पोल संख्या 219/32 के पास कटाव अचानक तेज हुआ था। प्रभावित किनारा रेल पटरी से करीब 13 मीटर की दूरी तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी। रेलवे के आग्रह पर गंगा पंप नहर विभाग की टीम ने भी बुधवार को स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक विभागीय सहयोग देने की बात कही।
कटाव के कारण साहिबगंज रेलखंड पर यात्री सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अप और डाउन दिशा की 15 पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द किया गया। साहिबगंज स्टेशन पर यात्री दिनभर परिचालन बहाल होने की जानकारी लेते रहे। बरहड़वा, मिर्जाचौकी, पीरपैंती, सकरीगली, महाराजपुर और तालझारी की ओर जाने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ की टीम कटाव स्थल पर तैनात है और दो दर्जन से अधिक जवान वहां मौजूद हैं। रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटावरोधी काम तथा तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद ही नियमित परिचालन शुरू किया जाएगा। इसलिए यात्रियों के लिए आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाना महत्वपूर्ण होगा।