विक्रमशिला सेतु पर तीन माह बंद रहेगा वाहनों का परिचालन, गोड्डा से उत्तर बिहार की यात्रा होगी लंबी

पुनरुद्धार कार्य के लिए विक्रमशिला सेतु का बेली ब्रिज बुधवार आधी रात से बंद किया जा रहा है। गोड्डा और संताल परगना के यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों को मुंगेर या फरक्का के रास्ते जाना होगा।

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विक्रमशिला सेतु का बेली ब्रिज, जहां पुनरुद्धार कार्य के कारण परिचालन बंद किया जा रहा है

भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पुनरुद्धार कार्य के कारण बुधवार आधी रात से वाहनों का परिचालन तीन महीने के लिए बंद किया जा रहा है। इसका सीधा असर गोड्डा समेत संताल परगना के पांच जिलों से उत्तर बिहार और सीमांचल की ओर आने-जाने वाले लोगों पर पड़ेगा। इस अवधि में यात्रियों को वैकल्पिक और अधिक लंबे मार्ग अपनाने होंगे।

संताल परगना से चारपहिया और दोपहिया वाहनों द्वारा बड़ी संख्या में लोग भागलपुर के रास्ते उत्तर बिहार तथा सीमांचल जाते हैं। मौजूदा मार्ग बंद होने के बाद उन्हें मुंगेर पुल या फरक्का पुल से गंगा पार करनी होगी। सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद क्षेत्र से इस दिशा में यात्रा करने वाले लोग भी प्रभावित हो सकते हैं।

कार्ययोजना के अनुसार सबसे पहले मौजूदा बेली ब्रिज को हटाया जाएगा, जिसमें लगभग एक सप्ताह लग सकता है। इसके बाद पुल के ढांचे की जांच और चार स्पैन को काटने का काम किया जाएगा। इस चरण में करीब दस दिन लगने का अनुमान है। कार्य के लिए गुवाहाटी और पटना से अभियंताओं की टीम पहुंची है, जबकि बेली ब्रिज हटाने में सीमा सड़क संगठन की टीम लगी है।

अगले चरण में नए स्टील गर्डर की लॉन्चिंग, डेक स्लैब की ढलाई और पीसीसी का काम होगा। इसके साथ सभी स्पैन के बेयरिंग और एक्सपेंशन जॉइंट बदले जाएंगे। पुनरुद्धार पूरा होने के बाद पहले 60 से 70 टन क्षमता वाले वाहनों से पुल का परीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है। परीक्षण के बाद 35 से 50 टन तक के वाहनों का परिचालन सामान्य करने की योजना है।

मार्ग बंद रहने से यात्री परिवहन के साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है। संताल परगना से खनिज लेकर उत्तर बिहार और सीमांचल जाने वाले ट्रकों को वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ेगा। नवगछिया और पूर्णिया समेत अन्य स्थानों से होने वाले सब्जी तथा दूसरे सामान के कारोबार की ढुलाई भी लंबी हो सकती है।

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पुनरुद्धार में तीन महीने लगेंगे और जनवरी से सामान्य परिचालन बहाल होने की संभावना है। तब तक गोड्डा तथा संताल परगना के यात्रियों और मालवाहक वाहनों को मुंगेर या फरक्का की ओर घूमकर यात्रा करनी होगी। यात्रा की दूरी बढ़ने के कारण लोगों को मार्ग और समय का ध्यान रखकर निकलना होगा।