महुदा और पुटकी ग्रिड मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य, धनबाद को मिलेगी अतिरिक्त बिजली

वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद चास-पुटकी ट्रांसमिशन लाइन का काम तेज हुआ है। दोनों ग्रिड चालू होने पर धनबाद को करीब 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद है।

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धनबाद जिले के महुदा और पुटकी बिजली ग्रिड को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद चास-पुटकी ट्रांसमिशन लाइन का काम तेज कर दिया गया है। लाइन पूरी होने के बाद दोनों ग्रिड को चार्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

दोनों ग्रिड का निर्माण करीब पांच वर्ष पहले पूरा हो गया था, लेकिन ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ी वन विभाग की अनुमति लंबित रहने के कारण इन्हें चालू नहीं किया जा सका। चास और पुटकी के बीच छह टावर लगाने के लिए यह मंजूरी आवश्यक थी। अब अनुमति मिलने से लंबे समय से रुका काम आगे बढ़ा है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसमिशन लाइन का शेष कार्य पूरा होते ही महुदा और पुटकी ग्रिड को बिजली आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। दोनों ग्रिड के संचालन से धनबाद को करीब 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने की बात कही गई है।

महुदा ग्रिड से बाघमारा, महुदा और कतरास क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। पुटकी ग्रिड के माध्यम से पुटकी, कुसुंडा और लोयाबाद के साथ बोकारो जिले के कुछ हिस्सों में भी बिजली आपूर्ति बेहतर होने का दावा किया गया है। इन इलाकों में वोल्टेज की समस्या कम होने की संभावना जताई गई है।

फिलहाल धनबाद की बिजली आपूर्ति काफी हद तक डीवीसी पर निर्भर बताई गई है। नए ग्रिड चालू होने के बाद जेबीवीएनएल की अपनी व्यवस्था से शहर और आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति बढ़ाई जा सकेगी। इससे ओवरलोड और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग में कमी आने की उम्मीद है।

परियोजना का काम निर्धारित समय पर पूरा होने पर आगामी गर्मी के दौरान बिजली कटौती से भी राहत मिल सकती है। हालांकि वास्तविक सुधार ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा होने, दोनों ग्रिड के सफलतापूर्वक चार्ज होने और नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विभाग ने मार्च 2027 की समयसीमा तय की है।