रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने माध्यमिक आचार्य शिक्षक नियुक्ति परीक्षा से जुड़े विवाद की सीआईडी जांच कराने का निर्देश दिया है। मामला विज्ञापन संख्या 2/2025 के तहत करीब 2,800 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा लिए जाने से संबंधित है। अदालत ने मुख्य सचिव को आपराधिक मामला दर्ज कराकर जांच सुनिश्चित करने को कहा है।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को दोबारा परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की पहली परीक्षा के अंक भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया। अदालत का आदेश अर्पणा कुमारी एवं अन्य की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद आया है।
आदेश के अनुसार, सीआईडी जांच में संबंधित अभ्यर्थियों के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक तथ्य नहीं मिलता और वे निर्धारित मेरिट में आते हैं, तो उनकी नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों का प्रभाव पूरी नियुक्ति प्रक्रिया और उसके परिणाम पर पड़ सकता है।
हाई कोर्ट ने आयोग के कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में भी निर्देश दिया है। जांच के दौरान जेएसएससी का कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो आयोग को उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करनी होगी। फिलहाल जांच के निष्कर्ष आने बाकी हैं, इसलिए किसी अभ्यर्थी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
विवाद तब शुरू हुआ था, जब जेएसएससी ने परीक्षा के दौरान कंप्यूटर हैक होने की बात कहते हुए करीब 2,800 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा का नोटिस जारी किया। अभ्यर्थियों ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि एक बार परीक्षा हो जाने के बाद केवल कुछ उम्मीदवारों की पुनर्परीक्षा कराना उचित नहीं है।
पिछली सुनवाई में अदालत ने आयोग से पूछा था कि कंप्यूटर सिस्टम में बाहरी हस्तक्षेप या हैकिंग की आशंका होने पर उच्चस्तरीय जांच क्यों नहीं कराई गई। अदालत ने केवल प्रभावित बताए गए अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने का आधार भी जानना चाहा था। आयोग ने उस समय मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की संभावना से अदालत को अवगत कराया था।