मेदिनीनगर नगर निगम बोर्ड की बैठक बेनतीजा, एजेंडा और लंबित प्रस्तावों पर पार्षदों ने उठाए सवाल

नगर निगम बोर्ड की सातवीं बैठक में एजेंडा देर से मिलने और पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई लंबित रहने का मुद्दा छाया रहा। त्योहारों से पहले सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।

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मेदिनीनगर नगर निगम बोर्ड की सातवीं बैठक पार्षदों की नाराजगी और सवाल-जवाब के बीच बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई। दशहरा और दीपावली से पहले शहर की सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन बैठक में प्रक्रिया और पुराने फैसलों के क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दे प्रमुख बने रहे।

महापौर अरुणा शंकर की अध्यक्षता में बैठक शुरू होने के बाद एजेंडे को लेकर आपत्ति सामने आई। महापौर ने कहा कि पेश किए गए एजेंडे में उनके और उपमहापौर मनोज सिंह के प्रस्ताव शामिल नहीं किए गए हैं। पार्षदों ने भी एजेंडा बैठक में पहुंचने के बाद उपलब्ध कराए जाने पर सवाल उठाया।

पार्षदों का कहना था कि देर से एजेंडा मिलने के कारण प्रस्तावों को पढ़ने और उन पर सार्थक चर्चा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने मांग रखी कि भविष्य में बोर्ड की बैठक से कम से कम 72 घंटे पहले एजेंडा उपलब्ध कराया जाए, ताकि सदस्य विषयों का अध्ययन कर सकें।

बैठक में दूसरी, तीसरी और चौथी बोर्ड बैठकों में पारित प्रस्तावों के लंबित रहने का विषय भी उठा। पार्षदों ने कहा कि जोनल कमेटियों के चयन के बाद उनके कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इस दिशा में अब तक पहल नहीं हुई। उन्होंने पुराने निर्णयों पर अमल की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

नगर आयुक्त रंजीत कुमार लाल ने बैठक में बताया कि पारित प्रस्ताव संबंधित विभागों को भेजे जा चुके हैं। उनके अनुसार, विभागों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि शुक्रवार की बैठक में लंबित प्रस्तावों या नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया।

प्रकाश व्यवस्था पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने पुराने नगरपालिका क्षेत्र और नए वार्डों के बीच अंतर का मुद्दा रखा। उनका कहना था कि पुराने क्षेत्र के लगभग सभी बिजली खंभों पर बल्ब लगाए गए हैं, जबकि नए वार्डों की कई सड़कों पर अब भी रोशनी की व्यवस्था नहीं है। त्योहारों को देखते हुए वहां प्रकाश व्यवस्था सुधारने की मांग की गई। बोर्ड की अगली बैठक दशहरा के बाद आयोजित की जाएगी।