मेदिनीनगर नगर निगम बोर्ड की बैठक में एजेंडे पर विवाद, योजनाओं को नहीं मिली स्वीकृति

योजनाओं की सूची एजेंडे में शामिल नहीं होने पर नगर आयुक्त और जनप्रतिनिधियों के बीच बहस हुई। इसके बाद न एजेंडे पर चर्चा हो सकी और न योजनाओं को मंजूरी मिली।

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मेदिनीनगर नगर निगम बोर्ड की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी

पलामू के मेदिनीनगर नगर निगम कार्यालय में हुई बोर्ड की बैठक योजनाओं की सूची को लेकर विवाद के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। मेयर और डिप्टी मेयर की ओर से भेजी गई योजनाओं को एजेंडे में जगह नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई। बहस के बाद निगम की ओर से प्रस्तुत एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई और योजनाओं को स्वीकृति भी नहीं मिल सकी।

बैठक की अध्यक्षता मेयर अरुणा शंकर ने की, जबकि कार्यवाही का संचालन नगर आयुक्त रंजीत कुमार लाल ने किया। जनप्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त से पूछा कि मेयर और डिप्टी मेयर द्वारा दी गई योजनाओं की सूची बैठक के एजेंडे में क्यों शामिल नहीं की गई।

नगर आयुक्त ने बताया कि प्रावधान के अनुसार योजनाओं की सूची या एजेंडा बैठक से तीन दिन पहले कार्यालय को मिलना चाहिए। उनके मुताबिक संबंधित सूची काफी देर से प्राप्त हुई, इसलिए उसे एजेंडे में शामिल नहीं किया जा सका। मेयर, डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षद इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे।

विवाद का असर दूसरी प्रशासनिक कार्यवाही पर भी पड़ा। बैठक में 12 अगस्त को लिए गए बोर्ड के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा नहीं हो सकी। पार्षदों ने सफाई, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसे विषयों को एजेंडे में स्थान नहीं मिलने पर भी सवाल उठाए।

जोन अध्यक्ष अमित सिंह उर्फ मीनी सिंह और पार्षद कविता देवी, धीरेंद्र पांडेय तथा कमर यासमिन समेत अन्य सदस्यों ने विभिन्न वार्डों में कचरे के समय पर उठाव और खराब स्ट्रीट लाइट का मुद्दा रखा। उनका कहना था कि कई स्थानों पर कूड़े का ढेर है और अनेक मार्गों पर लाइट खराब रहने से अंधेरा बना रहता है। उन्होंने पर्व के दौरान सफाई और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की मांग की।

नगर आयुक्त ने कहा कि शहर की सफाई का दायित्व एक एजेंसी को दिया गया है। मेयर ने एजेंसी के कर्मचारियों को वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर काम करने का सुझाव दिया। बैठक में डिप्टी मेयर मनोज सिंह, निगम के अधिकारी और कई वार्ड पार्षद उपस्थित थे, लेकिन एजेंडे पर गतिरोध के कारण प्रस्तावित योजनाओं पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।