देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में रक्षाबंधन और श्रावणी मेले के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। एक महीने तक स्पर्श पूजा पर लगी रोक हटने के बाद भक्तों को शिवलिंग का स्पर्श कर पूजा करने का अवसर मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी अरघा खोल दिए जाने के बाद नियमित स्पर्श पूजा शुरू हुई। श्रावणी मेले के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए श्रद्धालु अरघा के माध्यम से जलार्पण कर रहे थे। यह व्यवस्था समाप्त होने पर भक्तों ने सीधे गर्भगृह में पहुंचकर पूजा की।
शाम को देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, नगर आयुक्त सुलोचना मीणा और मंदिर प्रबंधक रमेश परिहस्त भी मंदिर पहुंचे। अधिकारियों ने पूजा-अर्चना करने के साथ परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा।
उपायुक्त के अनुसार, एक महीने तक चला श्रावणी मेला संपन्न होने के बाद प्रशासन अब भादो मेले की तैयारी कर रहा है। मेले के संचालन के दौरान मिले अनुभवों और सामने आई कमियों की समीक्षा करते हुए आगामी आयोजन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की बात कही गई है।
पुलिस अधीक्षक ने श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में लगे पुलिसकर्मियों के कार्य की सराहना की। अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में संचालन व्यवस्था में कई बदलाव किए गए। नगर आयुक्त ने भी मेले में नगर निगम की टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में पंडा समाज के सदस्यों ने अपने यजमानों की कलाइयों पर राखी भी बांधी। इस परंपरा के तहत यजमानों और उनके परिवारों की सुख-समृद्धि तथा सुरक्षा की कामना की गई। विशेष पूजा और स्पर्श दर्शन के कारण श्रावणी मेले का अंतिम दिन धार्मिक गतिविधियों के बीच संपन्न हुआ।