रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण की 102 करोड़ की डीपीआर पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

पर्यटन विभाग ने हाई कोर्ट को बताया कि रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार है। अदालत ने इसकी प्रगति और राशि के स्रोत पर शपथपत्र मांगा है।

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रामगढ़ के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण की प्रस्तावित योजना

रामगढ़ के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण की प्रस्तावित योजना पर झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। पर्यटन विभाग ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि मंदिर के कायाकल्प के लिए 102 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है।

जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की। अदालत के पूर्व निर्देश के अनुसार पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त उपस्थित हुए। पर्यटन सचिव की ओर से डीपीआर तैयार होने की जानकारी दिए जाने के बाद कोर्ट ने सरकार को इसकी मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

अदालत ने शपथपत्र के माध्यम से बताने को कहा है कि तैयार डीपीआर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और परियोजना के लिए धन किस मद से उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग की ओर से बताया गया कि राशि अधिक होने के कारण स्वीकृति के लिए फाइल विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है।

मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से फिलहाल छूट दी है। दोनों अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

यह सुनवाई संजीव कुमार सिंह की ओर से दायर अवमानना याचिका पर हुई। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा। मामला मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आसपास उपलब्ध सुविधाओं से भी जुड़ा है।

हाई कोर्ट ने इससे पहले 11 अगस्त 2023 को इस विषय में विस्तृत आदेश दिया था। उस आदेश में राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर तथा आसपास की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया था। अब अदालत ने प्रस्तावित योजना पर हुई कार्रवाई का औपचारिक ब्योरा मांगा है।