रमकंडा के सरकारी अस्पतालों के निरीक्षण में कई स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले

जिला परिषद उपाध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि ने रमकंडा के दो स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक करने और अनुपस्थित कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड में सोमवार को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सक समेत कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर अनुपस्थित मिले। जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव और विधायक प्रतिनिधि ज्ञान रंजन पांडेय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अस्पताल की कार्य व्यवस्था पर नाराजगी जताई।

निरीक्षण के दौरान आयुष चिकित्सक डॉ. रिजवाना फरहान अनुपस्थित मिलीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं पाए गए। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित नहीं होने पर सवाल उठाया और वहां उपस्थित महिला चिकित्सक से इसकी वजह पूछी।

मौजूद चिकित्सक ने उन्हें बताया कि स्वास्थ्यकर्मी व्हाट्सएप पर भेजे गए रोस्टर के आधार पर अपनी ड्यूटी की जानकारी लेते हैं। इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए निरीक्षण करने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि रोस्टर अस्पताल के किसी सार्वजनिक स्थान पर लगाया जाना चाहिए। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भी पता चल सकेगा कि किस समय किस चिकित्सक या कर्मचारी की ड्यूटी निर्धारित है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार, सिविल सर्जन के आश्वासन के बाद भी अस्पताल में रोस्टर नहीं लगाया गया। उनका कहना था कि रोस्टर सार्वजनिक नहीं होने से कर्मचारियों की उपस्थिति और जवाबदेही तय करने में कठिनाई होती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।

निरीक्षण के बाद जिला परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति और दवा वितरण में लापरवाही से जुड़ी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई करने तथा उनका वेतन रोकने की मांग रखी। हालांकि, विभाग की ओर से किसी कार्रवाई या वेतन रोकने की पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं की गई है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति जानने के लिए आगे भी निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं होने और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में धरना तथा अनशन किया जाएगा। निरीक्षण में सामने आए बिंदुओं पर अब स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और अगली कार्रवाई की प्रतीक्षा है।