रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर जून में हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब कथित वित्तीय लेन-देन तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी अभियान ईडी की दिल्ली टीम चला रही है। एजेंसी का ध्यान हमले से जुड़े संभावित धन प्रवाह, रकम के स्रोत और उसके कथित इस्तेमाल की पड़ताल पर है। झारखंड के लोहरदगा जिले में भी तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
ईडी ने फिलहाल यह सार्वजनिक नहीं किया है कि तलाशी किन व्यक्तियों या परिसरों में ली गई और कार्रवाई के दौरान क्या बरामद हुआ। ऐसे में किसी व्यक्ति की भूमिका या वित्तीय संबंध के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले स्थापित नहीं माना जा सकता।
यह मामला रांची के निवारणपुर स्थित कार्यालय परिसर में जून की रात पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना से जुड़ा है। रांची पुलिस की पूर्व जांच के मुताबिक, दो लोग परिसर तक पहुंचे थे। घटना में किसी के घायल होने या कार्यालय को बड़ा नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
बाद में जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली। एजेंसी ने जुलाई में कई राज्यों के करीब 20 ठिकानों पर तलाशी ली थी। सितंबर में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित दो फ्लैटों की तलाशी के दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी भी सामने आई थी, जिसके बाद आयकर विभाग को सूचित किया गया था।
अब ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जांच के दायरे में आए लोगों तक कोई रकम पहुंची थी या नहीं और यदि पहुंची थी तो उसका स्रोत तथा उद्देश्य क्या था। चार राज्यों में चल रही तलाशी के नतीजों या आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में एजेंसी की औपचारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।