रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए टर्मिनल भवन के पुनर्विन्यास और विस्तार की योजना तैयार की गई है। प्रस्ताव के तहत घरेलू सुरक्षा प्रतीक्षा क्षेत्र को बढ़ाकर 6,480 वर्गमीटर किया जाएगा। इससे व्यस्त समय में यात्रियों को संभालने की क्षमता मौजूदा करीब 950 से बढ़कर 2,160 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
सुरक्षा प्रतीक्षा क्षेत्र में यात्री जांच पूरी होने के बाद विमान में सवार होने का इंतजार करते हैं। विस्तार होने पर एक ही समय में कई उड़ानों के यात्री पहुंचने की स्थिति में बैठने और आवाजाही के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सकेगी। उड़ान में देरी के दौरान भी बड़ा प्रतीक्षा क्षेत्र यात्रियों के लिए उपयोगी होगा।
एयरपोर्ट पर हाल में यात्रियों के बैठने की व्यवस्था में कुछ बढ़ोतरी की गई है। पिछले एक महीने में टर्मिनल के भीतर 100 नई कुर्सियां लगाई गई हैं। टर्मिनल में किए गए बदलावों से बैठने की क्षमता में करीब 150 यात्रियों की वृद्धि होने की जानकारी दी गई है।
विस्तार योजना केवल टर्मिनल के प्रतीक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसमें पैरेलल टैक्सी ट्रैक, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और विमानों की पार्किंग के लिए दो अतिरिक्त एप्रन भी शामिल किए गए हैं। इन सुविधाओं के बनने से एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद जताई गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य बढ़ती यात्री संख्या के अनुरूप टर्मिनल की क्षमता विकसित करना है। अधिक स्थान मिलने से बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों, बुजुर्गों और विशेष सहायता की जरूरत वाले यात्रियों को भी अपेक्षाकृत सुविधाजनक प्रतीक्षा व्यवस्था मिल सकेगी।
एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि भीतर और बाहर नई कुर्सियां लगाकर यात्री सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। उनके अनुसार, वर्तमान प्रतीक्षा क्षेत्र की क्षमता करीब 950 है और इसे 2,160 तक बढ़ाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। योजना पूरी होने की समयसीमा संबंधी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।