रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की दिशा में जरूरी सुविधाएं तैयार होने का दावा किया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, किसी एयरलाइन से प्रस्ताव मिलने पर कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य आवश्यक सेवाओं को सक्रिय किया जा सकता है। हालांकि उड़ान का संचालन शुरू करने से पहले संबंधित नियामकीय मंजूरी भी लेनी होगी।
अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होने की स्थिति में यात्रियों के लिए पासपोर्ट और वीजा की जांच, इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम जांच, अंतरराष्ट्रीय बैगेज प्रबंधन, सुरक्षा जांच तथा जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था अपेक्षित होगी। ऐसी उड़ान मिलने पर झारखंड के यात्रियों की दिल्ली, कोलकाता या दूसरे बड़े हवाई अड्डों पर निर्भरता कम हो सकती है।
एयरपोर्ट पर इन व्यवस्थाओं को डूरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान परखा जा चुका है। जुलाई-अगस्त 2026 में रांची में हुए टूर्नामेंट में श्रीलंका की सेना की डिफेंडर्स एफसी टीम शामिल हुई थी। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन के लिए उस समय कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बहाल की गई थीं।
यात्री और विमान परिचालन के उपलब्ध आंकड़े भी एयरपोर्ट पर बढ़ती गतिविधि का संकेत देते हैं। यहां प्रतिदिन औसतन 44 से 50 विमानों का आगमन-प्रस्थान और करीब पांच से छह हजार यात्रियों की आवाजाही बताई गई है। आठ अक्टूबर को 46 विमानों का परिचालन हुआ तथा 5,992 यात्रियों ने यात्रा की। जुलाई और अगस्त में कुल यात्री संख्या 3.68 लाख से अधिक रही।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का मौजूदा रनवे 2,748 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। जिला प्रशासन से भूमि मिलने के बाद इसे 3,655 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। किसी विमान के संचालन की अंतिम अनुमति उसके आकार, वजन, मौसम और उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के आधार पर तय होगी।
यात्रियों के लिए कैफे, फ्लाइब्रेरी, बच्चों का क्षेत्र, अवसर काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं। अतिरिक्त शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा जांच ट्रे, प्रस्थान क्षेत्र की फर्श और एप्रन मार्किंग में सुधार की योजना है। विमानों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक और रैपिड एग्जिट टैक्सीवे भी प्रस्तावित हैं।