रांची जिले में चल रही और प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने जिला प्रशासन और अभियंताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने समीक्षा बैठक में निर्माण की बाधाओं को चिह्नित कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर करने का निर्देश दिया।
समीक्षा में सामने आया कि जिले की कई परियोजनाओं की प्रगति भू-अर्जन, पानी-बिजली जैसी उपयोगिता सेवाओं की शिफ्टिंग और दूसरी प्रक्रियाओं में देरी से प्रभावित है। प्रधान सचिव ने कहा कि जिन योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है, वहां निर्माण कार्य चरणबद्ध रूप से शुरू किया जाए।
अधिकारियों को लंबित मुआवजे का भुगतान संबंधित रैयतों को करने और जिला प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर शेष अड़चनों का समाधान निकालने को कहा गया। अभियंताओं को त्योहारों के दौरान मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों को आवागमन योग्य बनाए रखने का भी निर्देश मिला है।
बैठक में खेलगांव से नामकुम आरओबी, दुर्गा सोरेन चौक से रामपुर रिंग रोड और नामकुम आरओबी-अनगड़ा सेक्शन की प्रगति पर चर्चा हुई। कांके के होली डे होम से एदलहातु होकर चिरौंदी तथा बरियातू रोड से लेम, बड़गाईं और बोड़ेया तक की योजनाएं भी समीक्षा में शामिल रहीं।
इसके अलावा कोदोजोरा मोड़ से घाघरा होकर लोहरदगा मुख्य मार्ग, पांडेपारा से पंडरा होते हुए कांके रोड, डीएवी पुंदाग से डीएवी हेहल और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट क्षेत्र से रिंग रोड तक प्रस्तावित मार्गों की स्थिति देखी गई। बहुबाजार से पटेल चौक तक की सड़क पर भी विचार हुआ।
प्रधान सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर पथ निर्माण विभाग तथा संबंधित विभागों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा है। जिला स्तर पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति की निगरानी करने और विभागीय समन्वय से काम को समयसीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।