रांची के ओरमांझी में पुलिस से मुठभेड़ के बाद चेन छिनतई गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची पुलिस के अनुसार, चुट्टू गांव के पास हुई मुठभेड़ में गिरोह का एक कथित मुख्य सदस्य पैर में गोली लगने से घायल हुआ। दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है।

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रांची के ओरमांझी में चेन छिनतई गिरोह के खिलाफ पुलिस कार्रवाई

रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेन छिनतई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चुट्टू गांव के पास रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग पर हुई मुठभेड़ में गिरोह का कथित मुख्य सदस्य रंगीला पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पकड़े गए दो अन्य आरोपियों की पहचान अमन यादव और कार्तिक यादव के रूप में बताई गई है।

पुलिस का कहना है कि राजधानी के लालपुर, बरियातू और डोरंडा सहित कई थाना क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही चेन छिनतई की घटनाओं की जांच के दौरान इस गिरोह की जानकारी मिली थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित विशेष टीम को रविवार को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध चुट्टू इलाके में किसी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाश शुरू की।

पुलिस के दावे के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। रंगीला को पकड़ने के बाद उसने एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और भागते हुए पुलिस दल पर दो से तीन गोलियां चलाईं। पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई बताया है। इसी कार्रवाई में रंगीला के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

मुठभेड़ के दौरान भागने की कोशिश कर रहे अमन यादव और कार्तिक यादव को भी पीछा कर पकड़ लिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से दस से अधिक सोने की चेन बरामद करने का दावा किया है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि आरोपी बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। इस संबंध की पुष्टि के लिए आगे जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों पर रांची के अलावा धनबाद, हजारीबाग और रामगढ़ में भी वारदात करने का संदेह है। बरियातू क्षेत्र में हाल में हुई चेन छिनतई की एक घटना में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच हो रही है। पुलिस का दावा है कि रंगीला के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं; इन मामलों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।

पूछताछ से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले या अपेक्षाकृत शांत इलाकों की पहले रेकी करते थे। पुलिस का कहना है कि अकेली चल रही महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर आरोपी बाइक से नजदीक पहुंचते, चेन झपटते और तेजी से निकल जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित घटनाओं में संलिप्तता अभी जांच का विषय है।