रांची के होटल-बार में पुलिस की छापेमारी, 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ

रांची पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और कथित अनैतिक गतिविधियों की शिकायतों पर कई होटल व बार की जांच की। एक होटल से आठ युवकों और छह युवतियों को हिरासत में लिया गया है।

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रांची में पुलिस ने शनिवार देर रात कई होटल और बार में एक साथ छापेमारी की। यह अभियान कथित अनैतिक गतिविधियों और प्रतिष्ठानों में नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए चलाया गया। पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के कचहरी चौक के पास स्थित एक होटल से आठ युवकों और छह युवतियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों के किसी कथित अवैध नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका की जांच की जा रही है। फिलहाल उनकी भूमिका के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। होटल प्रबंधन और कर्मचारियों से भी जानकारी लेकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वहां मौजूद लोग किन परिस्थितियों में पहुंचे थे।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर की गई। सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में गठित अलग-अलग पुलिस टीमों ने शहर के आधा दर्जन से अधिक होटल और बार की जांच की। अभियान के दौरान प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, संचालन से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था के कागजात देखे गए।

पुलिस ने बताया कि जांच के दायरे में बिना वैध लाइसेंस संचालन, निर्धारित समय के बाद बार खुला रखने, हुक्का परोसने और नाबालिगों को शराब उपलब्ध कराने जैसी शिकायतें भी शामिल थीं। अधिकारियों का दावा है कि कुछ प्रतिष्ठान तय समय के बाद खुले मिले और कुछ जगहों पर शराब तथा हुक्का परोसे जाने की बात सामने आई।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने होटल के रिसेप्शन, कमरों और वहां ठहरे लोगों से संबंधित अभिलेखों की भी पड़ताल की। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच किए जाने की सूचना है। इनके आधार पर संपर्क के तरीकों, संभावित लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने होटल और बार संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। उनका कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गंभीर अनियमितता मिलने की स्थिति में लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। पूरे मामले की स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।