रांची के दो विश्वविद्यालयों में करीब पांच महीने से लोकपाल का पद खाली

रांची विश्वविद्यालय और झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में लोकपाल का पद खाली रहने से छात्र शिकायत निवारण समिति के फैसलों के खिलाफ अपील की व्यवस्था प्रभावित है।

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रांची विश्वविद्यालय और झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में लोकपाल पद खाली होने से छात्र अपील व्यवस्था प्रभावित

रांची के दो प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों में करीब पांच महीने से लोकपाल का पद खाली है। रांची विश्वविद्यालय और झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में यह स्थिति बने रहने से विद्यार्थियों को छात्र शिकायत निवारण समिति के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए निर्धारित स्वतंत्र मंच उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

दोनों विश्वविद्यालयों में लोकपाल के रूप में डॉ. यूसी मेहता की नियुक्ति की गई थी। उनका कार्यकाल 8 मई 2026 को समाप्त हो गया, लेकिन इसके बाद नए लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन को पद खाली होने की जानकारी है और नई नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 12 अप्रैल 2023 को विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण से संबंधित विनियम जारी किए थे। इसके तहत संस्थानों में ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और छात्र शिकायत निवारण समिति के साथ लोकपाल की व्यवस्था की गई है। समिति से राहत नहीं मिलने पर विद्यार्थी लोकपाल के समक्ष अपील कर सकते हैं।

लोकपाल की व्यवस्था परिणाम, डिग्री प्रदान करने, निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क लेने, फीस वापसी, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता जैसे मामलों में महत्वपूर्ण है। परीक्षा एवं मूल्यांकन से जुड़ी विशिष्ट अनियमितता या निर्धारित श्रेणियों के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव की शिकायत भी इस प्रक्रिया के दायरे में आ सकती है।

रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में डॉ. अनिल कुमार लोकपाल हैं, लेकिन अब तक उनके पास कोई शिकायत नहीं पहुंची है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी एक वजह विद्यार्थियों में इस व्यवस्था के प्रति जानकारी की कमी है। इससे शिकायत निवारण के लिए बनाई गई व्यवस्था का उपयोग सीमित बना हुआ है।

यूजीसी के नियमों के अनुसार लोकपाल पद के लिए सेवानिवृत्त कुलपति, निर्धारित अनुभव वाले सेवानिवृत्त प्रोफेसर या पूर्व जिला न्यायाधीश जैसे पात्र व्यक्ति नियुक्त किए जा सकते हैं। कार्यकाल तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, निर्धारित है। रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द नियुक्ति की बात कही है, जबकि रांची विश्वविद्यालय ने बताया है कि यूजीसी नियमों के अनुसार नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।