रांची के प्रमुख सरकारी परिसरों के पास बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक

रांची जिला प्रशासन ने प्रमुख सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील परिसरों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की है। धरना, रैली या आमसभा के लिए सक्षम प्राधिकार की पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

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रांची के सरकारी और संवेदनशील परिसरों के आसपास लागू निषेधाज्ञा से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

रांची जिला प्रशासन ने राजधानी के प्रमुख सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील परिसरों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में अब सक्षम प्राधिकार की पूर्व अनुमति के बिना धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या आमसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

आदेश के दायरे में लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, झारखंड मंत्रालय और एफएफपी/एचईसी भवन के आसपास के निर्धारित क्षेत्र शामिल हैं। झारखंड विधानसभा, झारखंड हाई कोर्ट और पुलिस मुख्यालय के निकट चिह्नित इलाके भी इन पाबंदियों के अंतर्गत आएंगे।

प्रशासन के अनुसार, इन महत्वपूर्ण परिसरों की सुरक्षा और आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंध लागू किए गए हैं। अपनी मांगों को लेकर इन स्थानों के पास कार्यक्रम करने की तैयारी कर रहे संगठनों को पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करनी होगी। अनुमति के बिना लोगों को जुटाने या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं होगी।

प्रतिबंधित क्षेत्रों में घातक हथियार लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। इसके साथ ही लाउडस्पीकर तथा दूसरे ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। आदेश में शामिल ये प्रावधान संवेदनशील सरकारी परिसरों के आसपास सुरक्षा और शांति व्यवस्था से जुड़े हैं।

लोगों और संगठनों को नए प्रतिबंधों की जानकारी देने के लिए संबंधित स्थानों पर चेतावनी वाले सूचना पट्ट लगाए गए हैं। इन पट्टों पर निषेधाज्ञा का पालन करने और उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दी गई है, ताकि कार्यक्रम आयोजित करने से पहले लागू नियमों की जानकारी मिल सके।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का पालन सभी के लिए अनिवार्य होगा। नागरिकों से प्रतिबंधित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है। किसी धरना, जुलूस, रैली या आमसभा की योजना होने पर आयोजकों को पूर्व अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।