लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को रांची रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक करुणानिधि सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया। विशेष ट्रेन से पहुंचे डीआरएम ने स्टेशन की यात्री सुविधाओं और जारी विकास कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारू रखने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, साफ-सफाई और दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। डीआरएम ने कोयल नदी पर बने रेलवे पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्टेशन परिसर और यात्री सुविधाओं में बदलाव आया है तथा विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
डीआरएम के अनुसार, लोहरदगा से गुमला होते हुए धरमजयगढ़ तक प्रस्तावित नई रेल लाइन का काम आगे बढ़ रहा है और रेलवे फिलहाल इस परियोजना को पूरा करने पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बाद लोहरदगा रेलखंड पर दोहरीकरण की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। क्षमता, सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया पर भी काम चलने की जानकारी दी गई।
लोहरदगा मेमू पैसेंजर में अतिरिक्त बोगियां लगाने की मांग पर डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की वास्तविक संख्या के आकलन में टिकट बिक्री के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त बोगियों से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से वैध टिकट लेकर ही सफर करने की अपील की।
रेल अधिकारियों ने क्षेत्र में नई ट्रेनों से बढ़ी संपर्क सुविधा का भी उल्लेख किया। आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस से दिल्ली, वाराणसी और लखनऊ की दिशा में सीधा संपर्क मिला है। संतरागाछी-जयपुर एक्सप्रेस से हावड़ा, आगरा और प्रयागराज समेत अन्य शहरों तक यात्रा की सुविधा बढ़ने की उम्मीद जताई गई। भविष्य की सेवाओं पर रेलखंड की क्षमता और यात्रियों की जरूरत के आधार पर विचार होगा।
निरीक्षण के समय टिकट खिड़की बंद मिलने पर डीआरएम ने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट बिक्री के निर्धारित समय और कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान काउंटर अनावश्यक रूप से बंद नहीं रहना चाहिए। कर्मचारियों को जिम्मेदारी से काम करने और यात्रियों को समय पर टिकट उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई।