रांची में फ्लैट किराये पर लेकर कथित रूप से साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत 11 लोगों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई रातू रोड और पिस्का मोड़ क्षेत्र में की गई। आरोप है कि संबंधित फ्लैटों में कॉल सेंटर जैसा सेटअप बनाकर लोगों को फोन किया जाता था और उन्हें ठगी का शिकार बनाया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसएसपी को मंगलवार को रातू रोड इलाके में साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली एएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने मालती अपार्टमेंट के एक फ्लैट में छापेमारी की। वहां मिले लोगों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पिस्का मोड़ के दो स्थानों पर भी कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मकान मालिकों के सामने स्वयं को छात्र बताकर फ्लैट किराये पर लिए थे। इन्हीं ठिकानों से कथित सिंडिकेट संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि काम करने वाले कुछ लोगों को मासिक वेतन के साथ ठगी की रकम का 25 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। उनके रहने और खाने का खर्च भी कथित मास्टरमाइंड उठाता था।
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरोह का संचालक कुरियर और दूसरी कंपनियों के कुछ कर्मचारियों से लोगों के मोबाइल नंबर तथा अन्य विवरण हासिल करता था। पुलिस का आरोप है कि इसके बदले संबंधित कर्मचारियों को भुगतान किया जाता था। इसी डेटा का इस्तेमाल फोन करने और लोगों को निशाना बनाने में किया जाता था। इन दावों की जांच अभी जारी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7.98 लाख रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक, एक चेकबुक और 12 सिम कार्ड बरामद करने की जानकारी दी है। इसके अतिरिक्त नोटबुक, पहचान संबंधी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एक बाइक भी जब्त किए जाने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए वयस्क आरोपियों में अधिकांश पलामू के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं, जबकि एक गढ़वा का निवासी है। एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि नेटवर्क के संचालन, डेटा के स्रोत और अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।