रांची के सेटेलाइट कॉलोनी क्षेत्र में मंगलवार को एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया। प्रशासन की टीम कई जेसीबी मशीनों, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ सुबह पहुंची थी। अभियान शुरू होने के बाद महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर सेटेलाइट कॉलोनी से बिरसा चौक की ओर जाने वाले मार्ग को जाम कर दिया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने एचईसी प्रबंधन के आग्रह पर सुबह करीब साढ़े आठ बजे मकान और दुकान हटाने की कार्रवाई शुरू की। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीनों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम ने कई निर्माण ध्वस्त किए।
प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस के समझाने पर रास्ता खोल दिया, लेकिन शाम साढ़े चार बजे दोबारा जाम लगा दिया गया। मौके पर हटिया डीएसपी नीरज कुमार के साथ जगन्नाथपुर, धुर्वा और अन्य थानों की पुलिस पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की हुई। भीड़ हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और करीब आधे घंटे में मार्ग खाली करा दिया।
बाइपास रोड और मेकॉन को जोड़ने वाले मार्ग पर अवरोध का असर स्कूली बसों पर भी पड़ा। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के बाद कई बसें जाम में फंस गईं। प्रशासन के आग्रह के बाद बच्चों को ले जा रही बसों को रास्ता दिया गया। बिरसा चौक और सेटेलाइट कॉलोनी के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगने से अन्य यात्रियों को भी परेशानी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिरसा चौक से डोरंडा तक यातायात बाधित रहने के कारण नौ विमान यात्री समय पर हवाई अड्डा नहीं पहुंच सके और उन्हें ‘नो शो’ का सामना करना पड़ा। हटिया के विधायक नवीन जायसवाल का वाहन भी कुछ समय के लिए जाम में फंसा रहा। प्रदर्शनकारियों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं और सरकार तथा एचईसी के खिलाफ नारे लगाए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व में हटाए जाने के बाद उन्हें वैकल्पिक जमीन या आवास देने का आश्वासन मिला था, लेकिन व्यवस्था नहीं हुई। उनका यह भी दावा है कि मौजूदा कार्रवाई से पहले पर्याप्त सूचना और पुनर्वास का प्रबंध नहीं किया गया। ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं; उपलब्ध विवरण में प्रशासन या एचईसी की ओर से इन दावों पर विस्तृत जवाब नहीं दिया गया है।