धनबाद-गया रेलखंड पर अधिक ऊंचाई वाली मालगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन के लिए सुरंगों में बदलाव किया जा रहा है। इस काम की खास बात यह है कि सुरंगों में तोड़फोड़ किए बिना कंपोजिट हाई वोल्टेज इंसुलेटेड कोटिंग लगाई जाएगी। डाउन लाइन पर मालगाड़ी का परीक्षण पूरा हो चुका है, जबकि अप लाइन पर भी जल्द ट्रायल किए जाने की तैयारी है।
इस सुरक्षा परियोजना पर लगभग 5.71 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। प्रस्तावित कोटिंग सुरंगों के भीतर हाई वोल्टेज विद्युत व्यवस्था के आसपास एक सुरक्षात्मक परत का काम करेगी। इससे ओवरहेड इक्विपमेंट यानी ओएचई के ट्रिप होने का खतरा कम करने में मदद मिलने की बात कही गई है।
रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन 25 हजार वोल्ट के ओवरहेड तार के माध्यम से होता है। सुरंगों और छोटे पुलों के नीचे से ट्रेन गुजरने के दौरान करंट लीकेज तथा फ्लैशओवर का जोखिम बढ़ सकता है। धनबाद रेल मंडल के घाट सेक्शन की तीन सुरंगों में ओएचई ट्रिपिंग की आशंका अधिक बताई गई है।
ओएचई में व्यवधान आने पर यात्री और मालगाड़ी, दोनों का परिचालन प्रभावित हो सकता है। नई इंसुलेटेड परत लगाने का उद्देश्य बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं की आशंका घटाना और रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। बारिश के समय भी सुरंगों से ट्रेनों के सुरक्षित आवागमन में यह व्यवस्था उपयोगी होने की उम्मीद है।
कंपोजिट हाई वोल्टेज इंसुलेटेड कोटिंग का इस्तेमाल उच्च वोल्टेज वाले विद्युत उपकरणों और इंसुलेटर पर सुरक्षात्मक आवरण के रूप में किया जाता है। रेल सुरंगों में इसके उपयोग से ओएचई व्यवस्था की सुरक्षा बढ़ने के साथ रखरखाव की जरूरत भी कम होने की संभावना जताई गई है।
दोनों लाइनों पर परीक्षण और सुरक्षा संबंधी काम पूरा होने के बाद इस मार्ग पर अधिक ऊंचाई वाली मालगाड़ियों के परिचालन का रास्ता साफ हो सकेगा। परियोजना से धनबाद-गया रेल मार्ग पर माल ढुलाई की सुविधा बढ़ाने के साथ मौजूदा यात्री और मालगाड़ी संचालन की विश्वसनीयता बेहतर करने का लक्ष्य है।