रांची में एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का विरोध, पुनर्वास की मांग

हरमू बाईपास रोड क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में बस्तीवासी जेसीबी के सामने बैठ गए। लोगों ने मकान हटाने से पहले वैकल्पिक आवास देने की मांग की।

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रांची के हरमू बाईपास रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करते बस्तीवासी

रांची के हरमू बाईपास रोड क्षेत्र में बुधवार को एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम को बस्तीवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के लिए मौके पर कई जेसीबी और बुलडोजर लाए गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों के मशीनों के सामने आ जाने से अभियान प्रभावित हुआ।

प्रशासन की टीम जैसे ही कार्रवाई की तैयारी करने लगी, बस्ती के लोग एकत्र होकर विरोध करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी जेसीबी पर बैठ गए और मशीनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विरोध के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

बस्तीवासियों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मकान हटाए जाने के बाद उनके परिवारों के सामने रहने का संकट पैदा हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रशासन से पहले वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने की मांग की।

स्थानीय लोगों ने एचईसी की जमीन पर बनी बस्तियों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि पहले बस्ती नहीं हटाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मशीनें लाकर दोबारा कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर सुनवाई होने तक वे मशीनों को आगे नहीं बढ़ने देंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान जिला प्रशासन को मिले आदेश के आधार पर चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि एचईसी की जमीन पर अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाले निर्माण आदेश के अनुसार हटाए जाएंगे। हालांकि उपलब्ध विवरण में पुनर्वास की मांग या कार्रवाई की अगली प्रक्रिया पर किसी निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है।

रांची में एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पहले भी अभियान चलाया जा चुका है और उस दौरान कई घर तथा झोपड़ियां हटाई गई थीं। ताजा कार्रवाई ने पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की मांग को फिर सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन और बस्तीवासियों के बीच बने गतिरोध के कारण अभियान प्रभावित है।