रांची में एनीकान-2026 संपन्न, न्यूरोसर्जरी शोध और आधुनिक उपचार पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

रांची में आयोजित तीन दिवसीय एनीकान-2026 में न्यूरोसाइंस विशेषज्ञों ने शोध, निदान, आधुनिक उपचार और शल्य तकनीकों पर चर्चा की। सम्मेलन में युवा चिकित्सकों को भी अपना काम प्रस्तुत करने का मंच मिला।

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रांची में आयोजित एनीकान-2026 न्यूरोसाइंस सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञ और प्रतिनिधि

रांची के होटल चाणक्य बीएनआर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय न्यूरोसाइंस सम्मेलन एनीकान-2026 संपन्न हो गया। देश-विदेश से पहुंचे न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और चिकित्सा शोधकर्ताओं ने तंत्रिका विज्ञान में शोध, रोगों की पहचान और आधुनिक उपचार के बीच बेहतर तालमेल पर विचार साझा किए। आयोजन झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

सम्मेलन के संचालन में सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल कुमार, सचिव डॉ. संजय कुमार, आयोजन सचिव डॉ. विराट हर्ष और डॉ. उज्ज्वल रॉय की भूमिका रही। आयोजकों के मुताबिक, इस संस्करण में पिछले आयोजनों के मुकाबले सबसे अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए। उद्घाटन समारोह में रांची के सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में व्याख्यानों के साथ शोध एवं पोस्टर प्रस्तुतियां, प्रश्नोत्तरी और शल्य चिकित्सा तकनीकों पर आधारित वीडियो सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के जरिए युवा चिकित्सकों को अपना शोध सामने रखने और वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। अमेरिका से आए डॉ. शंकर गोपीनाथ ने वैश्विक शोध तथा तकनीकी प्रगति पर विचार रखे, जबकि डॉ. एचपी नारायण ने मस्तिष्क विज्ञान से जुड़े मानवीय और नैतिक पक्षों की चर्चा की।

सम्मेलन के पहले दिन दर्द प्रबंधन पर कार्यशाला हुई, जिसमें 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से दर्द कम करने वाली प्रक्रियाओं और रीढ़ से संबंधित उपचार तकनीकों की जानकारी दी गई। अंतिम दिन तंत्रिका रेडियोलॉजी और ब्रैकियल प्लेक्सस की चोटों के उपचार पर शैक्षणिक व्याख्यान भी हुए।

बीसी राय गोल्ड मेडल के लिए न्यूरोलॉजी श्रेणी में शिलांग की डॉ. आकांक्षा और न्यूरोसर्जरी श्रेणी में कटक के डॉ. आशीष कुमार बेहरा के नाम घोषित किए गए। सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा डॉ. संजय कुमार के न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया का अध्यक्ष-निर्वाचित होने की जानकारी दी गई; वे अगले वर्ष अध्यक्ष का पद संभालेंगे।

आयोजकों का कहना है कि ऐसे सम्मेलन राज्य के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से संवाद का अवसर देते हैं। साथ ही, शोध प्रस्तुतियों और तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में विकसित हो रही उपचार पद्धतियों और पेशेवर अनुभवों को समझने का मंच मिलता है।