रांची में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को ‘काला दिवस’ मनाते हुए कांग्रेस भवन से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकाला। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के दौरान कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी काली टी-शर्ट पहनकर मार्च में पहुंचे थे। इन पर ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में पारदर्शिता से जुड़े नारे लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी भी की।
कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए पात्र लोगों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। पार्टी का कहना था कि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भरोसा बनाए रखना आवश्यक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे प्रश्नों की स्वतंत्र जांच कराने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। ये बातें कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।
कमलेश ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का वोट महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर हो रही है और स्पष्ट किया कि कांग्रेस मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी। मार्च के समापन पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संविधान की रक्षा तथा चुनावी पारदर्शिता के लिए प्रयास करने का संकल्प दोहराया।
प्रदर्शन में रांची महानगर और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ कांके विधायक सुरेश बैठा समेत कई नेता तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस भवन से शहर के प्रमुख अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले इस मार्च के माध्यम से पार्टी ने मतदाता सूची और चुनावी संस्थाओं से जुड़े अपने सवाल सार्वजनिक रूप से सामने रखे।