रांची में ग्रामीण भारत महोत्सव शुरू, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को मिला बाजार

नाबार्ड के झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा। इसमें विभिन्न राज्यों के कारीगरों और ग्रामीण उद्यमों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
रांची में आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव में प्रदर्शित हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पाद

रांची में ग्रामीण कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों के उत्पादों को ग्राहकों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से ‘ग्रामीण भारत महोत्सव झारखंड 2026’ शुरू हो गया है। नाबार्ड के झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित यह महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा। राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसका उद्घाटन किया।

महोत्सव में झारखंड के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगर और उत्पादक समूह भाग ले रहे हैं। यहां हस्तकरघा, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक ग्रामीण उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। आगंतुक इन वस्तुओं को बिचौलियों के बजाय सीधे कारीगरों और समूहों से खरीद सकते हैं। आयोजन का जोर उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क बनाने पर है।

उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण आजीविका बढ़ाने में ऐसे बाजार मंचों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने पारंपरिक कौशल को बड़े बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों और भौगोलिक संकेतक यानी जीआई टैग वाले उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल पर भी चर्चा हुई।

नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने आयोजन को ग्रामीण उत्पादकों के लिए मजबूत बाजार संपर्क विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा बताया। महोत्सव के माध्यम से कारीगरों को नए ग्राहक मिलने और अपने उत्पाद व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने का अवसर दिया गया है।

आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी केवल बिक्री का मंच नहीं है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को आजीविका के अवसरों से जोड़ना भी है। प्रत्यक्ष खरीद की व्यवस्था से ग्राहकों को उत्पाद बनाने वाले कारीगरों और समूहों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा, जबकि उत्पादकों को अपने काम की पहचान बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

‘हुनर से समृद्धि तक’ की भावना के साथ आयोजित महोत्सव 11 से 20 सितंबर तक रांची में चलेगा। इस अवधि में राजधानी के लोग अलग-अलग क्षेत्रों के ग्रामीण उत्पादों को एक स्थान पर देख और खरीद सकेंगे। आयोजन में झारखंड के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों तथा पारंपरिक ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है।