रांची में चतरा के विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ को कथित तौर पर जबरन ले जाने की सूचना के बाद पुलिस ने उन्हें कुछ घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। घटना एमिटी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास की बताई गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोग वाहनों से विश्वविद्यालय के गेट के पास पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने सौरभ के साथ मारपीट की और फिर उन्हें अपने साथ ले गए। घटना के बाद परिजन उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे थे, जबकि उनकी थार गाड़ी विश्वविद्यालय के गेट के पास खड़ी मिली थी।
सूचना मिलने पर रांची पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की। संदिग्ध वाहनों की पहचान और उनके जाने की दिशा का पता लगाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश की गई। चतरा पुलिस की तकनीकी टीम के सहयोग की बात भी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी में घटना के दौरान तीन से चार स्कॉर्पियो वाहनों की मौजूदगी की बात कही गई है। हालांकि, इन वाहनों में कौन लोग थे और सौरभ को किस वजह से ले जाया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना के कारण या आरोपियों की पहचान को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
विधायक जनार्दन पासवान ने अपने पुत्र की सकुशल बरामदगी की पुष्टि की है। इससे पहले उन्होंने बताया था कि सौरभ विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई करते हैं और घटना के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। सूचना मिलने के बाद विधायक चतरा से रांची के लिए रवाना हुए थे।
सौरभ की बरामदगी के बाद परिजनों को राहत मिली है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि घटनाक्रम अपहरण का था या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध वाहनों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद है।