रांची में छठ महापर्व की तैयारियों के बीच नगर निगम ने तालाबों और घाटों पर सफाई, रोशनी तथा सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शनिवार को अपर नगर आयुक्त संजय कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ शहर के छह प्रमुख तालाबों व घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों पर स्थायी कब्जा या अतिक्रमण नहीं होने देने का निर्देश भी दिया गया।
नगर निगम की टीम ने अरगोड़ा तालाब, डोरंडा के बटन तालाब, नामकुम स्थित स्वर्णरेखा घाट, कोकर के तिरिल तालाब, जेल तालाब और चडरी तालाब की मौजूदा स्थिति देखी। अधिकारियों ने इन स्थानों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं को हो सकने वाली परेशानियों तथा उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद संबंधित पदाधिकारियों को महापर्व से पहले घाटों की समुचित सफाई कराने और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों को ठीक करने का निर्देश दिया गया। शाम और सुबह अर्घ्य के समय लोगों की आवाजाही को देखते हुए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
तालाबों में पानी की गहराई को लेकर विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया। जिन हिस्सों में पानी अधिक गहरा है, वहां पहले से बैरिकेडिंग की जाएगी और खतरे के निशान लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य व्रतियों और श्रद्धालुओं को अनजाने में गहरे पानी की ओर जाने से रोकना है। नगर आयुक्त ने सुरक्षा प्रबंधों में लापरवाही नहीं बरतने को कहा है।
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक तालाबों और छठ घाटों पर कब्जे का विषय भी उठा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति या समिति को सार्वजनिक स्थल पर स्थायी कब्जे की अनुमति नहीं होगी। पूजा समितियों को आयोजन के नाम पर अतिक्रमण नहीं करने और आम लोगों के उपयोग के लिए स्थान खुला रखने का निर्देश दिया गया है। निगम ने इस व्यवस्था में समितियों से सहयोग मांगा है।
नगर आयुक्त के अनुसार, शहर के सभी तालाबों की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय चुनौतियां अलग हैं। इसलिए प्रत्येक स्थल पर उसकी जरूरत के अनुरूप सुधार किया जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य छठ के लिए सुरक्षित व्यवस्था तैयार करने के साथ तालाबों और घाटों को पूरे वर्ष आम लोगों के उपयोग योग्य बनाए रखना भी है।