रांची में जल जीवन मिशन की विभागीय समिट पर मंथन, योजनाओं के सतत संचालन पर जोर

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की कार्यकारिणी ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और विभागीय समन्वय पर चर्चा की।

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रांची में जल जीवन मिशन की तैयारियों पर आयोजित विभागीय बैठक

रांची में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की कार्यकारिणी की बैठक में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित विभागीय समिट की तैयारियों की समीक्षा की गई। विभागीय सचिव अबु इमरान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिशन से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।

बैठक का प्रमुख विषय जल संरचना परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन रहा। इसके साथ ही ‘कैच द रेन’ अभियान, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन विषयों को विभागीय समिट के एजेंडे से जोड़ने पर जोर दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करने को बैठक में विशेष महत्व दिया गया। जलापूर्ति की संरचनाएं बनने के बाद उनका नियमित संचालन और रखरखाव किस तरह जारी रखा जाए, इस पर भी मंथन किया गया। इसके लिए ठोस रणनीति तैयार करने की आवश्यकता बताई गई।

योजनाओं के क्रियान्वयन में अलग-अलग विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट करने पर सहमति बनी। बैठक में कहा गया कि आपसी समन्वय मजबूत होने से ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने और पेयजल सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बैठक में पंचायती राज, जल संसाधन, सूचना एवं जनसंपर्क, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। यूनिसेफ के वॉश विशेषज्ञों ने भी इसमें भाग लिया। इस भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण और ग्रामीण जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में साझा जिम्मेदारी विकसित करने पर ध्यान दिया गया।

कार्यकारिणी ने तय किया कि प्रस्तावित विभागीय समिट के माध्यम से जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। समन्वित प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए नल से मिलने वाले पानी की उपलब्धता को स्थायी और गुणवत्तापूर्ण बनाना तथा संबंधित योजनाओं का सतत संचालन सुनिश्चित करना है।