रांची में झारखंड और कनाडाई प्रतिनिधिमंडल के बीच क्रिटिकल मिनरल निवेश पर चर्चा

झारखंड सरकार और कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम और गैलियम सहित महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण, सतत खनन और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

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रांची में झारखंड सरकार के अधिकारियों और कनाडाई प्रतिनिधिमंडल की खनन क्षेत्र पर बैठक

रांची में गुरुवार को झारखंड सरकार के अधिकारियों और कनाडाई प्रतिनिधिमंडल के बीच राज्य के खनन तथा क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र में सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर बैठक हुई। बातचीत में वैज्ञानिक एवं सतत खनन, आधुनिक अन्वेषण तकनीक और खनिज संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत में कनाडा सरकार के उच्चायोग के मंत्री (वाणिज्यिक) एड जैगर और ट्रेड कमिश्नर अर्जुन कुमार दत्ता ने किया। उन्होंने खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल और खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा के साथ विभिन्न संभावित क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में राज्य सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को झारखंड के खनिज संसाधनों और अन्वेषण गतिविधियों की जानकारी दी। लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम और गैलियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा गया। कोडरमा-गिरिडीह क्षेत्र में लिथियम और उससे जुड़े खनिजों के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है।

लोहरदगा, गुमला और लातेहार क्षेत्र में बॉक्साइट के साथ टाइटेनियम, वैनेडियम तथा संबद्ध खनिजों की संभावनाओं की खोज जारी है। बैठक में बताया गया कि एनएमईएटी के अंतर्गत बॉक्साइट, वैनेडियम, टाइटेनियम और ग्रेफाइट-वैनेडियम से संबंधित जी3 तथा जी4 स्तर की अन्वेषण परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

पूर्वी सिंहभूम के बहुटिया और गुराबांदा क्षेत्रों में पन्ना खनिजीकरण की संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया। इन इलाकों में आगे व्यवस्थित अन्वेषण और संसाधन आकलन की गुंजाइश बताई गई। राज्य की ओर से पारदर्शी खनिज ब्लॉक आवंटन व्यवस्था, कारोबारी सुधारों और उत्तरदायी खनन में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी भी साझा की गई।

बैठक में कनाडा की खनिज अन्वेषण, आधुनिक खनन प्रौद्योगिकी, सतत संसाधन विकास और क्रिटिकल मिनरल मूल्य शृंखला से जुड़ी विशेषज्ञता पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और झारखंड के खनन क्षेत्र में कनाडाई निवेश को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई। हालांकि उपलब्ध विवरण में किसी निवेश राशि, परियोजना की समयसीमा या औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है।