रांची में अपराध की रोकथाम और पुलिस गश्ती को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टाइगर मोबाइल की जिम्मेदारियां बढ़ाई जाएंगी। एसएसपी राकेश रंजन की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में हुई बैठक में मौजूदा गश्ती व्यवस्था की समीक्षा की गई और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी भी शामिल हुए।
नई कार्ययोजना के तहत टाइगर मोबाइल के जवान केवल सामान्य गश्ती तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें अपराध रोकने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और स्थानीय स्तर पर उपयोगी सूचनाएं जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है। क्षेत्र की जरूरत के अनुसार जवानों की ड्यूटी और गश्ती का इलाका संबंधित थाना प्रभारी तय करेंगे।
बैंक, एटीएम, आभूषण दुकान, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसे अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। टाइगर मोबाइल की टीमें इन जगहों पर नियमित रूप से पहुंचेंगी और आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में तैनात टीमों के काम की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
गश्ती की निगरानी के लिए तकनीक का भी उपयोग होगा। जिले के थाना क्षेत्रों में चिह्नित महत्वपूर्ण स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। गश्त के दौरान जवान वहां पहुंचकर कोड स्कैन करेंगे। इससे पुलिस अधिकारियों को यह जानने में मदद मिलेगी कि निर्धारित स्थान पर टीम पहुंची या नहीं और पेट्रोलिंग तय व्यवस्था के अनुसार हुई या नहीं।
पुलिस ने पूर्व में आर्म्स एक्ट, चोरी, मादक पदार्थ, अवैध शराब, चेन और मोबाइल छिनतई जैसे मामलों में शामिल रहे लोगों के सत्यापन पर भी जोर दिया है। टाइगर मोबाइल को संदिग्ध गतिविधि या अपराध से जुड़ी सूचना मिलने पर उसे संबंधित पुलिस इकाई तक पहुंचाने को कहा गया है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
बैठक में जवानों की छोटे हथियारों के साथ फायरिंग प्रैक्टिस कराने और तीन वर्ष से अधिक समय से टाइगर मोबाइल में तैनात पदाधिकारियों व कर्मियों का स्थानांतरण करने का निर्देश भी दिया गया। उनके स्थान पर नए कर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है। पुलिस की यह पहल गश्ती को व्यवस्थित, जवाबदेह और संवेदनशील इलाकों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर केंद्रित है।